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RED

What first attracted me to the book was the nice red color cover page with the doodle of a sad boy on it. The first few pages of the book give…

Nitu Singh Parag Reads 15 May 2020

सत्यदास

मानवता की यह कहानी, एक ऐसे व्यक्ति के बारे में है जिसकी ज़िन्दगी की जरूरतें काफी कम थींवह कुछ बुनियादी जरूरतों के साथ एक सीधी सादी जिन्दगी जीता था। वह एक एक विनम्र, कृतज्ञ, क्षमाशील इंसान था।…

Nitu Singh Parag Reads 1 May 2020

क्या तुम हो मेरी दादी ?

कुछ दिन से बच्चों के साहित्य में अलग-अलग तरह के विषयों पर लिखा जाने लगा है – जैसे की मृत्यु, विकलांगता, अलगाव, थर्ड जेंडर इत्यादि। यह ऐसी स्थितियां हैं जो बहुतेरे बच्चों के अनुभवों में होती हैं।

Nitu Singh Parag Reads 20 March 2020

आखिर नेपो ने साडी का क्या किया ?

“आखिर नेपो ने साडी का क्या किया?” एक मजेदार पिक्चर बुक है, जिसमें लेखिका ने कहानी को एक खास तरह के तुकबंदी के रूप में प्रस्तुत किया है| लेखिका ने कहानी को बड़े ही अच्छे तरीके से हर पन्ने पर चार चार पंक्तियों में लिखा है| सरल भाषा के इस्तमाल से यह किताब बच्चों के लिए बहुत बढ़िया है लगती|

Nitu Singh Parag Reads 5 July 2019

खत

24 पन्नो की यह किताब एक छोटी बच्ची अपूर्वा की भावनाओं को बखूबी दर्शाती है आज जब डाक की बजाय ई- मेल और मेसेज दुनिया में छा गए हैं तब यह किताब डाक की कहानी बच्चों को खत का सफर बतलाती है। एक खत की यात्रा के ज़रिये तमाम खतों के सफर की दास्तां बयां करती यह किताब काफी मजेदार तरीके से लिखी और प्रस्तुत कि गई है।

Nitu Singh Parag Reads 14 June 2019

लाइब्रेरी में एक दिन

आज स्कूल में तीसरी कक्षा के बच्चों को नाव चली” कहानी सुनाने की मेरी योजना थी, और उसकी पूर्व तैयारी भी मैंने कर ली थी, क्या करना है, क्या सुनाना है या क्या पूछना है, ये सोचते हुए मैं लाइब्रेरी पहुंची – जैसे ही मैं वहाँ पहुंची बच्चों ने बड़े ही उत्साह के साथ मेरा स्वागत किया और पूछा आज कौन सी कहानी आप सुनाएंगी?

Nitu Singh Parag Reads 11 June 2019

अंडे में एक और अंडा है

यह किताब एक चित्र और शब्द पहेली की किताब है| जिसमे कोई तय कहानी नहीं है बल्कि हर बच्चा अपनी कल्पना और तर्क के मुताबिक इसको गढ़ सकता है| यह किताब बच्चों के कल्पना और तर्क शक्ति को तो बढाती ही है साथ ही उनको नए शब्द तलाशने को भी प्रेरित करती है|

Nitu Singh Parag Reads 24 May 2019

जाफ़ता

जाफ़ता एक छोटे से लड़के की कहानी है, जो एक अफ्रीका के एक गांव में पल-बढ़ रहा है। जफ़ता जो अपनी रोज़ के भावनाओ और मूड की तुलना विभिन्न जानवरों के हाव भावसे करता है। जैसे – “जब मैं थका हुआ हूं, मुझे धुप में एक छिपकली की तरह पड़े रहना पसंद है”, बड़ी मजेदार बात है न सिर्फ उसे जानवर पसंद हैं बल्कि वह उनकी मनोदशा भी समझाता है।

Nitu Singh Parag Reads 30th April 2019

किताबों वाली गुड़िया

मैं गुड़िया हूँ, मेरा यही नाम है और यही मेरी पहचान भी। आमतौर से मेरा साबका बच्चों से ही रहा है खास कर बच्चियों से,मुझे बनाने वाले भी अक्सर यही सोच कर हमें बनाते हैं

Nitu Singh Parag Nurtures 17 October 2018