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नानी चली टहलने

नानी चली टहलने

दीपा बलसावर द्वारा लिखी कहानी “नानी चली टहलने” बच्चों को समाज के उन पहलुओं से रु-ब-रु कराती है जहाँ हमारा सम्बन्ध केवल इंसानो से ही नहीं बल्कि पशु -पक्षी, जानवरों और पेड़-पौधों से भी है, और नानी द्वारा इनके बीच के आपसी स्नेह के रिश्ते को बहुत ही खूबसूरती से बताया गया है

Chitra Singh Parag Reads 30 July 2019

आक्छू !

बच्चों के बौद्धिक ,भावनात्मक एवं सामाजिक विकास में किताबें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।  बच्चे जब कोई कहानी पढ़ते हैं तो उस कहानी के सन्दर्भ को अपने जीवन से जोड़कर देखते है , उन संदर्भो का विश्लेषण कर अपनी एक राय बनाते हैं अपनी कल्पनाओं को उड़ान देते हैं , खुद से संवाद करते है  या किसी समस्या का हल पा लेते हैं। इन्ही आयामों को देखते हुए दीपा बलसावर…

Chitra Singh Parag Reads 9 July 2019